मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के मार्गदर्शन में नई सरकार बनते ही मांइस विभाग एक्शन मोड पर आ गया है।

मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के मार्गदर्शन में नई सरकार बनते ही मांइस विभाग एक्शन मोड पर आ गया है।
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मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के मार्गदर्शन में नई सरकार बनते ही मांइस विभाग एक्शन मोड पर आ गया है।

 राजस्थान के करौली में आयरन ओर के बड़े डिपोजिट्स मिलें हैं। मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के निर्देश और पहल पर खान विभाग ने राजस्थान के करौली में हिण्डोन के पास करीब 1888 हैक्टेयर क्षेत्र में आयरन ओर ब्लॉकों के कंपोजिट लाइसेंस के लिए नीलामी की तैयारी शुरु कर दी है। खान सचिव श्रीमती आनन्दी ने बताया कि करौली के हिण्डोन के पास खोड़ा, डेडरोली, टोडुपुरा और लीलोटी में आरंभिक संकेतों के अनुसार आयरन ओर के 840 मिलियन टन से अधिक डिपोजिट है।

मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के मार्गदर्शन में नई सरकार बनते ही मांइस विभाग एक्शन मोड पर आ गया है। पहले 15 दिन का अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान चलाकर खनन माफिया पर प्रभावी कार्यवाही की गई, वहीं मेजर और माइनर ब्लाकों व आरसीसी ईआरसीसी ठेकों की नीलामी की प्रक्रिया शुरु की गई है। आयरन ओर के नए डिपोजिट्स से प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।

      खान सचिव श्रीमती आनन्दी ने बताया कि विभाग द्वारा किए गए आरंभिक एक्सप्लोरेशन में आयरन ओर के मेग्नेटाइट और हेमेटाइट दोनों के ही संकेत मिले हैं। करौली के खोड़ा में 462.3 हैक्टेयर, डेडरोली में 754.38 हैक्टेयर, टोडुपुरा में 260.71 और लीलोटी में 410.94 हैक्टेयर क्षेत्र में आयरन ओर के डिपोजिट मिले हैं। एक मोटे अनुमान के अनुसार यहां आयरन ओर के 840 मिलियन टन से अधिक डिपोजिट है। विभाग द्वारा किये गये एक्सप्लोरेशन के अनुसार यहां पर चुंबकीय प्रकृति के मेग्नेटाइट और नार्मल प्रकृति के हेमेटाइट आयरन ओर उपलब्ध है। आरएसएमईटी द्वारा ऑक्शन के लिए ब्लॉक तैयार कर दिये गये हैं। मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा की स्वीकृति के साथ ही कंपोजिट लाइसेंस के लिए ऑक्शन की राह प्रशस्त हो गई हैं।

      कंपोजिट लाइसेंस के ऑक्शन से इस क्षेत्र में फर्दर एक्सप्लोरेशन होगा और यह माना जा रहा है कि फर्दर एक्सप्लोरेशन से इस क्षेत्र में आयरन ओर के और अधिक डिपोजिट्स मिलने की संभावना है। करौली में आयरन ओर मिलने से आने वाले समय में प्रदेश में औद्योगिक निवेश को और अधिक पंख लगेंगे। स्टील व सीमेंट उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। आयरन ओर से स्टील उद्योग के साथ ही कोल वाशिंग, फेरोअलॉय, फाउण्ड्रीज, सेरेमिक और सीमेंट उद्योग सहित अनेक उद्योगों को वर्षों तक कच्चा माल प्राप्त हो सकेगा व प्रदेश में इन उद्योगों में निवेश और नए उद्योग लगने के साथ ही रोजगार और आय के अवसर विकसित होंगे।

      राजस्थान में आयरन ओर के डिपोजिट्स और अधिक मिलने की संभावना को देखते हुए अन्य स्थानों पर भी एक्सप्लोरेशन आदि का कार्य जारी है वहीं जयपुर, झुन्झुनू, भीलवाडा, सीकर, अलवर आदि में आयरन ओर के खनन और एक्सप्लोरेशन कार्य जारी है।