पूजा में अक्षत का क्या होता है महत्व, जानें इससे जुड़े सरल एवं प्रभावी उपाय

पूजा में अक्षत का क्या होता है महत्व, जानें इससे जुड़े सरल एवं प्रभावी उपाय
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पूजा में अक्षत का क्या होता है महत्व, जानें इससे जुड़े सरल एवं प्रभावी उपाय

22 जनवरी 2024 को अयोध्या के भव्य राम मंदिर में भगवान रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा होनी है। उससे पहले आम लोगों को ‘अक्षत निमंत्रण’ भेजने का सिलसिला शुरू हो गया है।
ईश्वर की पूजा में प्रयोग लाया जाने वाला अक्षत बहुत ही पवित्र और शुभ अन्न माना गया है. ​यदि आपको कॅरिअर या कारोबार में तमाम प्रयासों के बावजूद सफलता नहीं मिल रही हो या फिर कहें आपका भाग्य रूठ गया हो तो उसे मनाने के लिए आप पूजा में अक्षत से जुड़े ये सरल और अचूक उपाय कर सकते हैं.

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य थवा पूजा में अक्षत या फिर कहें चावल को बहुत ही पवित्र अन्न माना गया है. इसकी महत्ता को इस तरह से भी समझा जा सकता है कि यदि पूजा पाठ में किसी चीज की कमी हो जाती है तो उसका ध्यान करते हुए उसकी भरपाई इसी अक्षत को अर्पित किया जाता है. अक्षत का अर्थ होता है जो खंडित न हो. इसीलिए पूजा में उसी बगैर टूटे हुए चावल ही चढ़ाना चाहिए. मान्यता है कि अक्षत यानि अखंडित चावल का पूजा में प्रयोग करने ईश्वर की साधना शीघ्र ही सफल होती है और साधक को सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है. आइए अक्षत से जुड़े सरल एवं प्रभावी उपाय जानते हैं.

सूर्य की पूजा में अक्षत का प्रयोग

सूर्य की साधना को सफल करने के लिए हमेशा तांबे के लोटे में अक्षत और रोली मिलाकर जल दें. इस उपाय को करने से शीघ्र ही सूर्यदेव की कृपा प्राप्त होती है और सुख और सम्मान में वृद्धि होती है. ईश्वर की पूजा में हमेशा साफ सुथरा और शुद्ध अ​क्षत चढ़ाना चाहिए. पूजा में कभी भी खंडित चावल नहीं चढ़ाना चाहिए.

एक मुट्ठी अक्षत से बनेंगे बिगड़े काम

यदि तमाम प्रयासों के बावजूद आपको पैसों की किल्लत बनी रहती है तो आप किसी भी सोमवार को सवा किलो अक्षत या फिर कहें चावल लेकर शिवालय जाएं और वहां पर शिवलिंग पर जल से अभिषेक करने के बाद एक मुट्ठी अक्षत चढ़ा दें और बचे हुए अक्षत को किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान कर दें. पांच सोमवार तक इस उपाय को करने पर धन से जुड़ी सारी दिक्कतें दूर होती हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.

पाप से मुक्ति दिलाता है अक्षत

मान्यता है कि देवी-देवताओं की पूजा रोली या केसर के साथ अक्षत का तिलक करने पर बड़े से बड़े पाप से मुक्ति और पुण्यफल की प्राप्ति होती है. ईश्वर की पूजा में अक्षत का प्रयोग करने पर दैहिक, दैविक एवं भौतिक पापों का नाश होता है.

अक्षत से पाएं अन्नपूर्णा का आशीर्वाद

अक्षत से सिर्फ धन ही नहीं धान्य की भी प्राप्ति होती है. यदि आप चाहते हैं कि आपके घर में कभी अन्न की कमी न हो तो आप मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा को अक्षत की ढेरी में स्थापित करें. इस उपाय को करने पर आपके घर में धन का भंडार हमेशा भरा रहेगा.

यह लेख हमारी धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं।)